बूंदी: पंचकर्म विशिष्टता कैंद्र में जटिल, जीर्ण & कष्टसाध्य रोगों से पीड़ित रोगियों को मिल रही है तत्काल राहत

ब्यूरो चीफ़ शिवकुमार शर्मा

बूंदी राजस्थान

बूंदी 23अप्रैल। जिला आयुर्वेद चिकित्सालय बूंदी की पंचकर्म विशिष्टता कैंद्र में प्रभावी उपचार द्वारा जटिल,जीर्ण & कष्टसाध्य रोगियों को तत्काल राहत मिल रही है, जिससे कि यह  कई जगह उपचार कराने के बावजूद राहत नहीं मिलने से निराश रोगियों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है। पीएमओ & पंचकर्म विशेषज्ञ डॉ सुनील कुशवाह ने बताया कि आरोग्य समिति & भामाशाहों के सहयोग से संचालित पंचकर्म चिकित्सा इकाई में पिछले 42 महीनों में देश के 11 राज्यों के 41 जिलों के 32000से अधिक रोगियों का उपचार किया जा चुका है । यहां आर्थराइटिस, स्पोंडाइलोसिस, सिएटिका,वेरिकोज वैन,गठिया, माइग्रेन,तंत्रिका जन्य विकार,लकवा,अनिद्रा,बच्चों के जन्मजात विकारों (सेरेब्रल पाल्सी, मस्कुलर डिस्ट्रोफी आदि)  & मोटापा आदि का प्रभावी उपचार किया जा रहा है।अंतरराष्ट्रीय स्तर की पंचकर्म चिकित्सा सुविधाएं व्यापक पैमाने पर उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने पंचकर्म उत्कृष्टता केंद्र बूंदी में स्थापित करने के लिए गांधीग्राम में मार्च 2021 में 6बीघा जमीन का आवंटन किया जा चुका है तथा जिला कलेक्टर के निर्देशन में इस हेतु 52 करोड़ रुपए के प्रस्ताव तैयार कराके जून 2022 में आयुर्वेद निदेशालय के माध्यम से सरकार को भिजवाये जा चुके हैं।बूंदी के प्रबुद्धजनों द्वारा इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को मंजूरी दिलवाने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से  आग्रह किया गया है, जिससे कि केरल की तर्ज पर उत्तर भारत का सबसे बड़ा पंचकर्म उत्कृष्टता केंद्र बूंदी में स्थापित हो सके तथा विश्व स्तरीय पंचकर्म चिकित्सा सेवाओं के साथ मेडिकोट्यूरिज्म के बढ़ने से रोजगार के नये अवसर पैदा हो सकें।

रोगी फीडबैक....1.केशवरायपाटन से आये 65 वर्षीय भंवर सिंह आस्टियोआर्थराइटिस से पीड़ित थे & बिना सहारे के चल फिर पाने में असमर्थ थे, चिकित्सकों ने उन्हें ओप्रेशन की सलाह दे दी थी, लेकिन यहां केवल 7 दिनों के पंचकर्म उपचार के बाद 75% से अधिक राहत महसूस कर रहे हैं & बिना किसी सहारे के चल पा रहे हैं। 2. 45 वर्षीय रमेश पिछले 5सालों से गठिया की समस्या से पीड़ित थे तथा कोटा, बूंदी, अहमदाबाद समेत कई शहरों में बड़े अस्पतालों में इलाज के बाद भी आराम नहीं मिलने से निराश थे, यहां केवल 5 दिनों के पंचकर्म चिकित्सा के बाद 50% से अधिक राहत महसूस कर रहे हैं। 3. 65 वर्षीय मनभर बाई पिछले 5 वर्षों से स्पौंडाइलोसिस & सिएटिका की समस्या से पीड़ित थी, कई जगह उपचार कराने के बावजूद भी दर्द की वजह से सो नहीं पाती थी, यहां केवल 7 दिनों में अपने लक्षणों में 50% से अधिक राहत महसूस कर रही है। 4. मंडाना कोटा से आई 22 वर्षीय सुनीता का पिछले 15 वर्षों से लकवे की वजह से शारीरिक & मानसिक रूप से विकास नहीं हो पा रहा था, कई जगह उपचार कराने के बावजूद राहत नहीं मिलने से निराश सुनीता को यहां केवल 3 दिनों के पंचकर्म उपचार के बाद शरीर के सुन्नपन & बोलने में काफी राहत मिली है।  5. भोपाल मध्यप्रदेश से आई 42वर्षीय विजयलक्ष्मी पिछले 15सालों से माइग्रेन की समस्या से पीड़ित थी, यहां केवल 7 दिनों के पंचकर्म उपचार के बाद 100% राहत महसूस कर रही है।