बच्चों की मौत का तमाशा देखने का इंतजार करता स्कूल प्रशासन
संवाददाता विजयपाल सैनी शाहपुरा
विराटनगर विधानसभा के ग्राम पंचायत साईंवाड़ के बाबा नारायण दास राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय के कक्षा कक्ष क्रमांक 2 से लेकर कक्षा कक्ष क्रमांक 12 तक एवं बरामदे सहित कुल मिलाकर संस्था के 11 स्कूल कक्षा कक्षों का हाल जर्जर अवस्था में है। कक्षा कक्षों की छतों से पानी झरने की तरह टपकता है साथ ही सैकड़ो बार छतों का प्लास्टर भी गिर चुका है एवं वर्तमान में भी प्लास्टर का गिरना चालू है। आपको जानकर पीड़ा होगी किस स्थानीय स्कूल प्रशासन इन क्षतिग्रस्त एवं जर्जर भवनों में ही छात्र-छात्राओं की कक्षाएं लगातार बिना किसी आपदा के भय से संचालित कर रहे हैं।
इस मामले की जानकारी मिलते ही स्थानीय निवासी भाजपा नेता मनीष बासनीवाल साईंवाड़ छात्र-छात्राओं की ओर से उन्हें प्राप्त हुए शिकायती पत्र पर स्कूल भवन एवं स्कूल की गतिविधियों का निरीक्षण करने ग्रामीणों के साथ स्कूल पहुंचे थे।
जहां पर स्थानीय भाजपा नेता को स्कूल प्रशासन की इस घोर लापरवाही का नजारा देखने का मामला सामने आया। उन्होंने संस्था प्रधान एवं अन्य शिक्षाकर्मीयो को इन जर्जर भवन कक्षा में संचालित की जा रही कक्षाओं के बारे मे जानकारी जाननी चाही तो कोई संतोषप्रद जवाब नहीं मिला।
संस्था प्रधान ने बताया कि इस बारे में क्षेत्रीय विधायक एवं मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को इस मामले की जानकारी कई बार दे दी गई परंतु आज तक इस मामले में कोई सकारात्मक संज्ञान नहीं लिया गया। भाजपा नेता ने जब संस्था प्रधान द्वारा की गई कागजी कार्यवाही एवं अन्य सूचनाओं के बारे में जानना चाहा तो संस्था प्रधान द्वारा बताया गया कि दिनांक 29 जुलाई 2020 को इस मामले की जानकारी मय रिपेयरिंग कार्य प्रस्ताव भी पत्र द्वारा भेजा गया था लेकिन 2 साल व्यतीत होने के पश्चात भी इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। इसी प्रकार विराटनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक इंद्राज गुर्जर को भी संस्था प्रधान द्वारा 8 अक्टूबर 2021 को विद्यालय भवन की छत मरम्मत करवाने हेतु पत्र लिखकर मामले की जानकारी दी गई थी लेकिन विधायक महोदय महोदय द्वारा आज तक भी इस विद्यालय भवन की सुध नहीं ली गई एवं छात्र-छात्राओं पर होने वाले भविष्य के हादसों के प्रति उपेक्षा की गईं।
ग्रामीणों एवं भाजपा नेता द्वारा किए गए स्कूल निरीक्षण के दौरान विद्यालय प्रशासन की भी कई त्रुटियां सामने आई है।
1- विद्यालय प्रशासन द्वारा नामांकन बढ़ाने से लेकर सत्र की गतिविधियों हेतु इस सत्र 2022 से 23 के लिए विद्यालय विकास समिति की बैठकों का एक भी आयोजन नहीं किया गया एवं सत्र 2021 से 22 जोकि पूर्ण हो चुका है उस सत्र में भी सिर्फ एक विद्यालय विकास समिति की बैठक का आयोजन 26/11/2021 को किया गया। जबकि शिक्षा विभाग के दिशा निर्देशों अनुसार विद्यालय विकास समिति की बैठक ग्रामीणों के सहयोग से हर महीने होना प्रस्तावित है लेकिन संस्था प्रधान द्वारा यह शिक्षा विभाग के दिशा निर्देशों की अनुपालना है। इन सत्रों के रजिस्टरों का वीडियो भाजपा नेता के पास है। जो उच्च अधिकारियों द्वारा मांगने पर प्रस्तुत किया जाएगा।
2- संस्था प्रधान द्वारा ब्लॉक के मुख्य शिक्षा अधिकारी को सत्र चालू होने से पूर्व विद्यालय भवन की सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं को लेकर पत्र द्वारा हर सत्र में मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को अवगत करवाना आवश्यक होता है जो कि शिक्षा विभाग की गाइड लाइन के अनुसार अनिवार्य है। लेकिन संस्था प्रधान ने पिछले कई सत्रों से विद्यालय भवन की सुरक्षा व्यवस्थाओं के बारे में सत्र चालू होने से पूर्व मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को अवगत करवाना आवश्यक नहीं समझा जिससे संस्था प्रधान की ओर से घोर लापरवाही सामने आई है जोकि स्पष्ट है कि यह छात्र-छात्राओं के प्रति होने वाले हादसों के प्रति सचेत नहीं हैं।
3- कक्षा भवनों के जर्जर अवस्था होने की स्थिति में छात्र-छात्राओं द्वारा संस्था प्रधान को इस मामले में शिकायत प्रार्थना पत्र भी दिया गया लेकिन संस्था प्रधान ने छात्र छात्राओं की सुरक्षा भावना से खिलवाड़ करते हुए अभिभावकों को भी मानसिक चिंता से ग्रस्त होने पर छोड़ दिया गया एवं छात्र छात्राओं की भवन सुरक्षा के प्रति शिकायत पर ध्यान नहीं दिया गया। यह लापरवाही संस्था प्रधान की कार्य शैली एवं लापरवाही की ओर इशारा करती है।
4- संस्था प्रधान के कक्ष में संस्था प्रधान के कार्यकाल सूचना पट पर अभी तक भी वर्तमान संस्था प्रधान के नाम एवं पिछले संस्था प्रधान की कार्य अवधि को लेकर कोई सूचना अंकित नहीं है। यह संस्था प्रधान द्वारा गैर जिम्मेदार कार्यशैली की ओर इशारा करता है।
5- इस विद्यालय को आदर्श विद्यालय की सूची में रखा गया है लेकिन स्कूल भवन के बाहर की ओर कई कटीली झाड़ियों एवं आवारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है एवं साफ-सफाई को लेकर स्कूल प्रशासन द्वारा उदासीनता बरती गई है जो कि आदर्श विद्यालय होने के नाम पर एक कलंकता की ओर इशारा करता है।
इस दौरान भाजपा नेता एवं स्थानीय ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिली कि स्थानीय स्कूल कार्य में को दोबारा भाजपा नेता एवं ग्रामीणों को स्कूल एवं अन्य गतिविधियों के प्रति दुरुस्तीकरण का आश्वासन मिला एवं भविष्य में विद्यालय विकास समिति की बैठकों का आयोजन होना सुनिश्चित किया गया।