संवाददाता राजवीर सोनी
जयपुर|
वो कहते है ना अगर आप किसी को सही रास्ता नहीं दिखा सकते हो तो उसे गलत रास्ते मे मत धकेलो बस इसे ही सार्थक कर रही है जयपुर की यातायत पुलिस
मामला है जयपुर शहर की घाट की गुणी व गुणी टनल का जंहा दोपहिया वाहन चालक अपनी जान को बचाते हुए टनल से जाते है जब ये मामला हमारी नजर मे आया तो हमारे संवाददाता ने पडताल की तो यंहा से गुजर रहे दोपहिया वाहन चालकों का कहना है सर हमें टनल मे जाने का शौक नहीं है ये हमे हमारी मजबूरी ले जाती है उन्होंने बताया आप देखिए गुणी मे जगह जगह बहता सीवर का गंदा पानी आये दिन का लगता जाम जिसमें क्षतिग्रस्त सडक अवैध फल सब्जी के ठेले बेरोकटोक चलते व्यावसायिक भारी वाहन जिन्हें नियम से टनल मे जाना चाहिए लेकिन जिम्मेदारों ने आखें बंद कर रखी है हर समय हादसे का डर बना रहता है हमें हमारा जीवन व परिवार प्यारा है,हम आपको दे बता गुणी मे पहले भी कई हादसों मे बेकसूर लोगों की मौत हो चुकी है साथ ही वंहा आये दिन दुर्घटना होती रहती है ये एरिया निगम हैरिटेज मे आता है लेकिन निगम ने इधर ध्यान ना देकर गुणी का हैरिटेज स्वरूप बिगाडते हुए इसे दुषित जगह बना दिया है,जहां लोग आने से भी कतराते है, जब हमने एक महिला दोपहिया वाहन चालक से पुछा तो उसने नाम न छापने की पर शर्त बताया कि मुझे रात को घाट की गुणी आने से भी डर लगता है क्योंकि यंहा अधिकतर रोड लाईट बंद रहती है,व चलती गाडियों मे लोग शराब पीते रहते है कई बार असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है उससे मे मुझे असुरक्षित मानते हुए मजबूरी मे रात के समय टनल से जाती हु जब हमने यंहा के टैफ्रिक इंस्पेक्टर संजीव चौहान से बातचीत की तो उन्होंने कहा मेने मेरे उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया व निगम व जेडीए मे भी पत्र लिखे है इस समस्या बाबत दो बार हम निगम से इन अवैध ठेलों को भी हटवा चुके है लेकिन ये फिर आ जमते है अब इस समस्या का समाधान तो निगम हैरिटेज व जेडीए को ही करना है हम तो केवल नियमानुसार दोपहिया वाहन चालकों को टनल में जाने से रोक सकते है अब देखते है जनता के दर्द को समझते हुए कब जिम्मेदारों की आखें खुलेगी,,