जयपुर। (मनोज गुर्जर) हाल ही में पेगासस को लेकर भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में बवाल मचा हुआ है । भारत के कईं जाने माने लोग पेगासस के निशाने पर हैं, जिनमें काग्रेंस नेता, राहुल गांधी, पूर्व चुनाव आयुक्त अशोक लवासा और सुर्पीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायधीश सहित कईं बड़ी हस्तियां शामिल हैं।
क्या है पेगासस
पेगासस इजराइली कंपनी एनएसओ द्वारा बनाया गया एक स्पाई मेलवेयर सॉफटवेयर है जो जो लोगों फोन में घुसकर जासूसी करता है। यह मेलवेयर फोन के कॉल लोग्स, मैसेज, व्हाट्सऐप, टेलिग्राम, इंस्टाग्राम जैसे ऐप्स को हैक कर लेता है, और यह लोगों की गोपनियता को खतरे में डाल सकता है। हालांकि, इस मेलवेयर का इस्तेमाल मुख्यत: दुनिया की केन्द्र सरकारें आतंकवादी गतिविधीयों पर नजर रखने और क्राइम रोकने के उद्देश से करती हैं।
फोन में कैसे घुसता है पेगासस
पेगासस मेलवेयर को स्मार्टफोन में एक मैसेज लिंक के जरिए भेजा जाता है। जैसे ही यूजर लिंक पर क्लिक करता है यह मेलवेयर यूजर फोन में एक्टिवेट हो जाता है। और यूजर की सारी जानकारियां हैकर्स को भेजने लगता है। यह मेलवेयर आपके माइक्रोफोन, और कैमरा को भी स्वत: एक्टिवेट कर देता है।
क्यों है चर्चा में
हाल ही एक फ्रांसीसी कंपनी की रिपोर्ट में ये खुलासा किया गया है कि पेगासस स्पाईवेयर का इस्तेमाल केन्द्र सरकारों के द्वारा देश के बिजनेस मैन, वरिष्ठ पत्राकरों व राजनैतिक नेताओं जैसे बड़े लोगों की जासूसी करने में कर रही है। इन बड़े नामों में काग्रेंस नेता, राहुल गांधी, पूर्व चुनाव आयुक्त अशोक लवासा और सुर्पीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायधीश सहित कईं बड़ी हस्तियां शामिल हैं। इस बात को लेकर विपक्षी नेता केंद्र सरकार पर लगातार हमलावार हो रहे हैं, जिससे मानूसर सत्र चलाने में सरकार को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।