कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न, रोकथाम एवं निषेध पर हुआ कार्यशाला का आयोजन

बून्दी, 22 फरवरी। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर एवं माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश Aureliano Fernandes Vs. State of Goa and Ors. In Civil Appeal No. 2482/2014 दिनांक 12.05.2023 के निर्देशानुसार महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम, 2013 के संबंध में गुरूवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव सुमन गुप्ता द्वारा कार्यशाला का आयोजन कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में किया गया।


जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव सुमन गुप्ता ने बताया कि इस कार्यशाला में अतिरिक्त जिला कलेक्टर (सीलिंग) नवरत्न कोली, जिला न्यायालय के आंतरिक शिकायत समिति समिति अध्यक्ष ललिता शर्मा, अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश क्रम सं. 1 अचला आर्य, एस.सी.एस.टी. न्यायालय की विशिष्ट न्यायाधीश रेखा वधवा, किशोर न्याय बोर्ड अध्यक्ष डिंपल जंडेल एवं जिले के राजकीय विभागों में संचालित आंतरिक शिकायत समिति के अध्यक्ष गण एवं सदस्य गण एवं जिला न्यायालय में कार्यरत समस्त महिला कर्मचारी गण उपस्थित रहे।

उन्होने बताया कि इस कार्यशाला में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव, अतिरिक्त जिला कलेक्टर, आंतरिक शिकायत समिति समिति के अध्यक्ष द्वारा कार्यशाला में उपस्थित समस्त महिला अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण को संबोधित करते हुये कहा कि आप जहां कार्यरत हैं अथवा जहां भी आप निवास कर रहे हैं, कहीं भी किसी भी प्रकार के लैंगिक उत्पीड़न की घटना यदि आपके साथ घटित होती है तो उसे आप सहें नहीं, इस कृत्य का विरोध करें एवं किसी से भी न डरते हुये आपके संबंधित विभाग की आंतरिक शिकायत समिति के समक्ष शिकायत दर्ज करावें। साथ ही आप इस अधिनियम की जानकारी स्वयं तक सीमित नहीं रखते हुए आप जिस स्थान पर कार्यरत है वहां पर भी इस अधिनियम का अधिकाधिक प्रचार प्रसार करें। परंतु इस तथ्य का भी ध्यान रखा जाना चाहिए कि इस अधिनियम का किसी भी प्रकार से कोई दुरूपयोग न करें। जिले के राजकीय विभागों के आंतरिक शिकायत समिति के अध्यक्ष गण एवं सदस्य गण ने जाहिर किया कि आज दिनांक तक उनके समक्ष कोई शिकायत लंबित नहीं है, जिसे सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं अन्य अधिकारीगण ने एक बहुत ही सुखद तथ्य होना जाहिर किया।