Zomato Layoff : वैश्विक मंदी का असर - अब जोमैटो में छंटनी शुरू; देशभर में कार्यरत स्टॉफ की नौकरी खतरे में

New Delhi: आइटी और टेक और ई-कॉमर्स सेक्टर की दिग्गज कंपनियों में छंटनी का दौर चल रहा है। अब भारत का दिग्गज फूड ऑर्डर प्लेटफॉर्म जोमैटो ने भी छंटनी की घोषणा की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस जोमैटो को देश के अलग-अलग शहरों में रोल आउट किया जाएगा। कंपनी के इस रवैये ने कर्मचारियों की चिंता बढ़ा दी है।

वैश्विक मंदी का असर नौकरी पर महसूस किया जा रहा है। इस हफ्ते, अमेज़ॅन ने 10,000 कर्मचारियों की छंटनी करने की घोषणा की। ट्विटर और मेटा ने अपने कर्मचारियों को निकाल दिया। मंदी के मद्देनजर कंपनियां खराब प्रदर्शन और राजस्व में गिरावट की रिपोर्ट कर रही हैं, इसलिए लागत में कटौती के नाम पर मंदी भी हो रही है।

आज सबसे बड़े ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो ने भी वर्कफोर्स घटाने की घोषणा की है। जोमैटो ने कहा कि वह देश भर में अपने कर्मचारियों की संख्या में लगभग 3% की छंटनी करेगा। कहा जा रहा है कि यह कटौती नियमित कर्मचारियों के प्रदर्शन पर निर्भर करेगी। जोमैटो के प्रवक्ता ने कहा कि हमारे 3% कर्मचारियों की छंटनी की जाएगी। जोमैटो में वर्तमान में 3,800 लोग कार्यरत हैं।

जोमैटो में छंटनी की जानकारी रखने वाले लोगों ने कहा कि कम से कम 100 कर्मचारियों की छंटनी की गई है। इनमें उत्पाद, प्रौद्योगिकी, कैटलॉग और मार्केटिंग जैसे उपयोगकर्ता और सेवाएं शामिल हैं। इस समय, छंटनी का असर सप्लाई चेन वर्कर्स पर नहीं पड़ता है। कंपनी की योजना अपने कर्मचारियों की 3% की छंटनी करने की है।

जोमैटो ने मई 2022 में अपनी आखिरी छंटनी की, जब कंपनी ने 520 कर्मचारियों की छंटनी की। बताया जाता है कि यह मुआवजा तीनों नेताओं के नौकरी छोड़ने के तुरंत बाद दिया गया था। पिछले दिनों जोमैटो के फाउंडर मोहित गुप्ता ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

ट्विटर, अमेजन, मेटा, माइक्रोसॉफ्ट के बाद पेमेंट प्रोसेसिंग प्लेटफॉर्म स्टराइप (Stripe), राइड सर्विस देने वाली कंपनी लिफ्ट (Lyft), ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी रॉबिनहुड और क्रिप्टोकरंसी कंपनी कॉइनबेस ने भी कर्मचारियों की छंटनी करने जा रही हैं. लिफ्ट में करीब 5,000 कर्मचारी हैं और वह 13 फीसदी यानी करीब 650 कर्मचारियों को बाहर करेगी.